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Tuesday, October 11, 2011

दीवाली 2011

दीवाली 2011
कार्तिक मास की अमावस्या को दीवाली का पर्व मनाया जाता है. इस वर्ष दीवाली का यह त्यौहार 26 अक्तूबर 2011, बुधवार को मनाया जाएगा. दिवाली का त्यौहार पांच दिन तक मनाया जाता है.

धन तेरस

दीवाली का आरंभ धन त्रयोदशी के शुभ दिन से हो जाता है. दिवाली से दो दिन पहले धन-तेरस का त्यौहार मनाया जाता है. इस दिन नए बर्तन खरीदने की परंपरा है. इस दिन स्वर्ण अथवा रजत आभूषण खरीदने का भी रिवाज है. संध्या समय में घर के मुख्य द्वार पर एक बडा़ दीया जलाया जाता है. इस दिवस को धनवंतरि जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. इस वर्ष धन तेरस, सोमवार, कार्तिक कृ्ष्ण पक्ष 24 अक्तूबर, 2011 को मनाया जाएगा.

छोटी दिवाली

बडी़ दिवाली से एक दिन पहले छोटी दिवाली का त्यौहार मनाया जाता है. इस दिन को नरक चतुर्दशी अथवा नरका चौदस भी कहते हैं. इस दिन संध्या समय में पूजा की जाती है और अपनी - अपनी परंपरा के अनुसार दीये जलाए जाते हैं.

बडी़ दिवाली

यह मुख्य दिन होता है.संध्या समय में गणेश जी तथा लक्ष्मी जी का पूजन पूरे विधि-विधान से किया जाता है पूजन के बाद मिठाई खाने का रिवाज है. बच्चे और बडे़ मिलकर आतिशबाजी चलाते हैं. बम-पटाखे फोड़ते हैं.

गोवर्धन पूजा। अन्नकूट

दिवाली से अगले दिन अन्नकूट का पर्व मनाया जाता है. इस दिन मंदिरों में सभी सब्जियों को मिलाकर एक सब्जी बनाते हैं, जिसे अन्नकूट कहा जाता है अन्नकूट के साथ पूरी बनाई जाती है. कहीं-कहीं साथ में कढी़-चावल भी बनाए जाते हैं. रात्रि समय में गोवर्धन पूजा भी की जाती है.

भैया दूज

यह त्यौहार कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वित्तीया को मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक करती हैं और मिठाई खिलाती हैं. भाई बदले में बहन को उपहार देते हैं